शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

आयुर्वेद के जनक महान ऋषि चरक पर एक प्रामाणिक शोध

विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति एवं भारत की सांस्कृतिक धरोहर आयुर्वेद जिसका उद्गम देवभूमि उत्तराखंड मे स्थित देवतात्मा हिमालय में हुआ. इसी देवतात्मा हिमालय मे अनेक ऋषि -मुनियों ने तपस्या मे लीन होकर ग्रंथों एवं  पुराणों की रचना की है. 
आयुर्वेद का सबसे प्राचीन,विश्व विख्यात,सर्वमान्य एवं महानतम चिकित्सा ग्रन्थ चरक संहिता है .और चरक ऋषि इस ग्रन्थ के  रचनाकार ,आयुर्वेद के जनक एवं विश्व के सर्वप्रथम चिकित्सक माने जाते हैं .  
चरक संहिता के १२० अध्यायों मे १२००० श्लोकों मे लगभग २००० औषध-योगों की विस्तृत व्याख्या के साथ चिकित्सा शास्त्र एवं सम्पूर्ण जीवन-दर्शन वर्णित है .लकिन आयुर्वेद के इतिहास में चरक संहिता के रचयिता एवं आयुर्वेद के जनक चरक ऋषि के अस्तित्व को लेकर लगभग २००० वर्षों से इतिहासकारों और विद्वानों के बीच विरोधाभास की स्थिति रही है.क्योंकि ऋषियों ने कभी भी अपने परिचय के सन्दर्भ मे,अपने स्थान के सन्दर्भ मे  बहुत कुछ अपने ग्रंथों में वर्णन नहीं किया है.
इसलिए यदि हम उनका इतिहास , उनके कार्य स्थल , कुल ,वंश ,परम्परा इन सब विषयों को जाननें की बात करतें हैं तो,ये काफी जटिल और कठिन कार्य है . चरक ऋषि के अस्तित्व को लेकर भी अनेक मत प्रचलित रहें  हैं लेकिन कोई भी निश्चित निष्कर्ष नहीं मिलता .
क्रमश; 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें